Monday, July 18, 2011

चर्चितदास रचित सरकारचरितमानस

गोस्वामी तुलसीदास जी के रामचरितमानस की चौपाइयों से प्रेरणा लेते हुए प्रस्तुत है आज की सरकार पर आधारित सरकारचरितमानस। आशा है आप सबको पसंद आएगी -
महँगाई काण्ड :
महंगाई चली जाय अकाशा, मनमोहन बस देहिं दिलासा
मानुष देखहिं रोके सांसा, घर-गृहस्थी सत्यानासा

२ जी काण्ड :
लक्ष कोटि एक काण्ड निराला, धूल धूसरित देश दिवाला

राजा नाम मंत्री काला, नीरा सह मिलि किहेस घोटाला

रामदेव काण्ड :
देखि देश मा भ्रष्टाचारा, चढ़ा योग गुरु कै पारा

पहुंचे दिल्ली झंडा गाड़ा, पढ़य लाग सरकार पहाड़ा
पठयेस कपिल-प्रणव एक साथा, दुइनव प्रबल वकीली माथा

प्रथम विनय फिरि शक्ती झाडेन, पुलिस लाय सब काम बिगाड़ेन


लोकपाल काण्ड :
देखि भ्रष्ट मंत्री अरु तंत्रा, अन्ना लेहेन विकट एक मंत्रा
लोकपाल बिल नाम अपारा, एहिमा लावो सब सरकारा
लगी घुमावय जंतर-मंतर,
अन्ना पर कौनव नहिं अंतर

मुंबई बम काण्ड :
फूटे बम मुम्बई त्रस्त, नेतागण बयान महं मस्त
मनमोहन कहैं मृत्यु अटल,
राहुल कहैं नहीं कोई हल

8 comments:

  1. bahut hi sundar likha hai aapne....har ek kaand laajwaab hai....achcha kataakchh.....

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  2. टिप्पणियों में है मिली, बड़ी महारत तोय |
    उस स्तर की टिप्पणी, बबुआ कैसे होय ??

    विषय बड़ा गम्भीर है, बढ़कर उससे देश |
    बड़ी सजगता से दिए, चर्चित जी सन्देश ||

    तेरी मेरी दोस्ती, खूब जमेगी यार,
    नेताओं पर शक हमें, अपना बंटाधार ||

    कलम आज भी तेज है, उठा रही है भार |
    पर डंडे से हांकती, बड़ी कुटिल सरकार ||

    चर्चित चेहरे देश के, करते है उम्मीद |
    आज मुहर्रम हो गई, कल होवेगी ईद ||


    neemnimbouri.blogspot.com
    dcgpthravikar.blogspot.com
    dineshkidillagi.blogspot.com
    chhitrayepanne.blogspot.com

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  3. ये तो भाई बड़ी ही अनोखी रामायण लगी

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  4. सरक-सरक के निसरती, निसर निसोत निवात |
    चर्चा-मंच पे आ जमी, पिछली बीती रात ||

    http://charchamanch.blogspot.com/

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  5. सामयिक, सटीक व्यंग्यात्मक प्रस्तुति

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