Thursday, September 01, 2011

हे विघ्नेश्वर - हे गणराया....

हे विघ्नेश्वर - हे गणराया
ज़रा दिखाओ अपनी माया,
महंगाई और घोटालों से
जन - जन का अब दिल बौराया...
किसी को रोटी नहीं नसीब
किसी ने आधा देश पचाया,
हे विघ्नेश्वर - हे गणराया
ज़रा दिखाओ अपनी माया...
सिर पर चढ़कर स्वार्थ बोलता
रिश्ते रह गए केवल छाया,
आपको भी तो स्वार्थ के कारण
लोगों ने भारी माल चढ़ाया,
हे विघ्नेश्वर - हे गणराया
ज़रा दिखाओ अपनी माया...
अपने पास नहीं धन - दौलत
बस दया - धर्म लेकर आया,
यही प्रसाद चढ़ाता तुमको
बाकी तुम समझो गणराया,
हे विघ्नेश्वर - हे गणराया
ज़रा दिखाओ अपनी माया...

5 comments:

  1. अब आपने इतनी खुशामद की है तो गणेश जी जरुर सुनेंगे दोस्त....
    भरोसा रखो उन पर....

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  2. ईद की सिवैन्याँ, तीज का प्रसाद |
    गजानन चतुर्थी, हमारी फ़रियाद ||
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  3. सुंदर स्तुति ....शुभकामनायें

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  5. सुन्दर कटाक्ष...
    सादर..

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