Sunday, October 16, 2011

करवाचौथ

साल में एक बार प्यार - साल में एक बार व्रत
पर मज़ा तो तब है कि हर रोज़ करवाचौथ हो......

2 comments:

  1. खुबसूरत प्रस्तुति ||

    बधाई ||

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  2. कर करवल करवा सजा, कर सोलह श्रृंगार |
    माँ-गौरी आशीष दे, सदा बढ़े शुभ प्यार ||
    करवल=काँसा मिली चाँदी
    कृष्ण-कार्तिक चौथ की, महिमा अपरम्पार |
    क्षमा सहित मन की कहूँ, लागूँ राज- कुमार ||

    (हास-परिहास)
    कान्ता कर करवा करे, सालो-भर करवाल |
    सजी कन्त के वास्ते, बदली-बदली चाल ||
    करवाल=तलवार
    करवा संग करवालिका, बनी बालिका वीर |
    शक्ति पा दुर्गा बनी, मनुवा होय अधीर ||
    करवालिका = छोटी गदा / बेलन जैसी भी हो सकती है क्या ?

    शुक्ल भाद्रपद चौथ का, झूठा लगा कलंक |
    सत्य मानकर के रहें, बेगम सदा सशंक ||

    लिया मराठा राज जस, चौथ नहीं पूर्णांश |
    चौथी से ही चल रहा, अब क्या लेना चांस ??


    (महिमा )
    नारीवादी हस्तियाँ, होती क्यूँ नाराज |
    गृह-प्रबंधन इक कला, ताके पुन: समाज ||

    करे कमाई लाख मर्द, बड़े प्रबंधन-काज |
    घर लागे नारी बिना, डूबा हुआ जहाज |

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