
कोरोना,
प्रमाण है ईश्वर का
उसकी अलौकिक सत्ता का,
समस्त सृष्टि पर नियंत्रण
और व्यवस्था का...
कोरोना,
एक चेतावनी है
मानवीय अति के विरुद्ध,
जिससे प्रकृति को
हो रही क्षति के विरुद्ध...
कोरोना,
एक संकेत है
वैश्विक परिवर्तन का,
किसी के लिये उत्थान
तो किसी के लिये
विनाश एवं पतन का...
कोरोना,
एक अवसर है
किसी के लिये
पाप का-नीच-कर्म का,
तो किसी के लिये है
पुण्य का-सत्कर्म का...
कोरोना,
एक परीक्षा है
शासन-प्रशासन के लिये
सभी द्रोणों के लिये भी
सभी अर्जुनों, भीमों
दुर्योधनों-दुशासनों के लिये भी...
कोरोना,
लाया है संदेश
किसी के लिये शोक का
संताप का - विलाप का,
तो बहुतों के लिये
उत्सव का, आमोद-प्रमोद का
रास का, हास - परिहास का...
कोरोना,
एक पड़ाव है
कलियुग का,
संस्कारों में व्याप्त
हो रही विकृतियों का,
अति-स्वार्थवश संकुचित होते
मानवीय नैतिक क्षितिजों का...
- विशाल चर्चित