Tuesday, June 15, 2021

माँ तो एक जमीन है कि...

alt="MAA TO EK JAMEEN HAI"
#mother #mom #maa #माँ,

Friday, June 11, 2021

सोनू यार मोनू यार बारिश कितनी अच्छी यार...

alt="SONU YAAR MONU YAAR"
सोनू यार मोनू यार
बारिश कितनी अच्छी यार,
मम्मी बोली नहीं भीगना
छतरी कितनी छोटी यार...

चल कागज की नाव बनायें
पानी में उसको तैरायें,
तितली रानी को भी उसमें
बिठा के दोनों सैर करायें...

अरे देख तो वो है चींटा
चींटे पर चल मारें छींटा,
अच्छा बेचारे को छोड़
आ हम दोनों खायें पपीता...

वाह मस्त क्या हरियाली है
लगता जैसे खुशहाली है,
ठंडी-ठंडी हवा बह रही
दिल को खुश करने वाली है...

पापा कहते पढ़-पढ़-पढ़
होता जा रहा तू मनबढ़,
कीचड़-पानी में मत खेल
नये बहाने तू मत गढ़...

पापा को कैसे समझायें
हम बच्चे कैसे बंध जायें,
बारिश हो और हम ना भीगें
क्या हम भी पापा बन जाये?

- विशाल चर्चित

#childhood #children #friendship #बचपन #दोस्ती #यार #rain #बारिश

Saturday, May 15, 2021

कोरोना, प्रमाण है ईश्वर का...

alt="CORONAPRAMANHAIIESHWARKA"
कोरोना,
प्रमाण है ईश्वर का
उसकी अलौकिक सत्ता का,
समस्त सृष्टि पर नियंत्रण
और व्यवस्था का...

कोरोना,
एक चेतावनी है
मानवीय अति के विरुद्ध,
जिससे प्रकृति को
हो रही क्षति के विरुद्ध...

कोरोना,
एक संकेत है
वैश्विक परिवर्तन का,
किसी के लिये उत्थान
तो किसी के लिये
विनाश एवं पतन का...

कोरोना,
एक अवसर है
किसी के लिये
पाप का-नीच-कर्म का,
तो किसी के लिये है
पुण्य का-सत्कर्म का...

कोरोना,
एक परीक्षा है
शासन-प्रशासन के लिये
सभी द्रोणों के लिये भी
सभी अर्जुनों, भीमों
दुर्योधनों-दुशासनों के लिये भी...

कोरोना,
लाया है संदेश
किसी के लिये शोक का
संताप का - विलाप का,
तो बहुतों के लिये
उत्सव का, आमोद-प्रमोद का
रास का, हास - परिहास का...

कोरोना,
एक पड़ाव है
कलियुग का,
संस्कारों में व्याप्त
हो रही विकृतियों का,
अति-स्वार्थवश संकुचित होते
मानवीय नैतिक क्षितिजों का...

- विशाल चर्चित