गुरुवार, सितंबर 14, 2017

|| जय हिंद - जय हिन्दी ||


भारत माता की वाणी
हिंदी से जुडा पावन अवसर,
आओ करें संकल्प करेंगे
इसका प्रयोग हर स्तर पर...

हम रहें कहीं भी नहीं भूलते
जैसे अपनी माँ को,
याद रखेंगे वैसे ही हम
हिंदी की गरिमा को...

इन्टरनेट पर जहाँ कहीं भी
अंग्रेजी हो मजबूरी,
वहाँ छोड़कर हो प्रयास कि
हिंदी से हो कम दूरी....

जाएँ विदेशों में भी तो
हम उन्हें सिखाकर आयें,
यही नहीं कि "हिन्दी दिवस" पर
खाली दें शुभकामनायें...

|| जय हिंद - जय हिन्दी ||

- विशाल चर्चित

रविवार, सितंबर 10, 2017

मुसाफिर हौसला रख, वहाँ महफिल बहुत है...


शुक्रवार, अगस्त 25, 2017

कोई इन्हें समझाओ, सरहद पर ले जाओ...

देश के करोड़ों युवा
छोड़-छाड़ कारोबार
हैं जीने-मरने को तैयार,
आशारामों और गुरुमीतों
के इर्द गिर्द ही
घूमता हुआ इनका संसार...

देश की बेचारी सरकार
इनके आगे हो रही लाचार,
लाखों की पुलिस फोर्स
इनको काबू करने में 
हो रही है बेकार...

तमाम मीडिया वाले
कर दिया अपने को 
इनके हवाले,
जहां देखो वहां
दिख रही बस इनकी ही खबरें,
इतनी है इनकी ताकत
बाप रे - बाप रे...

ऐसे में 'चर्चित' का 
दिमाग भिन्नाया,
चीन और पाक का
इलाज नजर आया,
हर एक गुरुमीत समर्थक
मानव बम नजर आया...

कोई इन्हें समझाओ
सरहद पर ले जाओ,
दुश्मन देश की सीमा में
तिरंगा अपना फहराओ...

- विशाल चर्चित

अच्छे दिन जब आयेंगे महंगा मोदक लायेंगे...

अभी यही प्रभु सस्ता मोदक
महंगाई मुंह बाये जब तक

अच्छे दिन जब आयेंगे
महंगा मोदक लायेंगे

करो कृपा कुछ तुम्हीं गजानन
विघ्न दूर हो आनन फानन

लाखों के कुछ काम बनें तो
थोड़ा हम भी नाम करें तो

दरियादिल हम दिखला देंगे
भारी मोदक भी ला देंगे

नेताओं से झूठे वादे
नहीं हमें हैं करने आते

सीधा सुनना - सीधा कहना
हर हालत में सीधे रहना

फिर भी कछुआ चाल जिन्दगी
ज्यादा आगे नहीं बढ़ सकी

तुम चाहो तो क्या मुश्किल है
चलकर आती खुद मंजिल है

'चर्चित' की चर्चा करवा दो
धन की भी वर्षा करवा दो

अच्छाई की जीत सदा है
ये सच फिर साबित करवा दो

- विशाल चर्चित

शुक्रवार, जुलाई 28, 2017

चीनी सालों होश में आओ...

चीनी सालों होश में आओ वर्ना होश में ला देंगे
तेरी माँ की माँ को भी हम नानी याद दिला देंगे

गया ज़माना बात-बात पर हमको आँख दिखाते थे
और हिन्दुस्तानी हम सीधे सादे चुपचाप रह जाते थे

अब तो आँख दिखा के देखो सीधे आँख फोड़ देंगे
अग्नि पृथ्वी सारी मिसाइलें बीजिंग तक घुसेड देंगे

छोडो अरुणांचल-सिक्किम पर घडी-घडी दावा करना
जब देखो अपने धन-बल का रोज़ - रोज़ हौवा करना

अच्छा होगा इज्ज़त से हिमालय के उस पार ही रहना
अच्छा होगा अपनी छोटी सी चार फुटी औकात में रहना

वर्ना यहीं से बैठे - बैठे हम खोपड़ी तुम्हारी खोल देंगे
तुम चीनियों को हम शरबत जैसा पानी में घोल देंगे

इतराते हो जिस दीवार पे मिनटों में ध्वस्त हो जायेगी
हिरोशिमा-नागासाकी से भी भयानक तबाही हो जायेगी

पूरी दुनिया में अब भारत की शान का परचम लहराता है
बाप तुम्हारा अमरीका भी अब यहाँ आके दम हिलाता है

ताकतवर होने पर भी हम छोटे देशों को नहीं डराते हैं
शांतिप्रियता और भाईचारे के लिए हम "चर्चित" कहलाते हैं

- विशाल चर्चित