गुरुवार, अप्रैल 09, 2020

अरे चीनियों - अरे राक्षसों जिसे पूजते उसी को खाते?

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तुमसे तो अच्छे हैं वनचर
कुछ उसूल उनको भी आते,
अरे चीनियों - अरे राक्षसों
जिसे पूजते उसी को खाते?

अजगर, चूहे - कुत्ते और
चमगादड़ सब भून डालते,
अरे दैत्यों कीड़े-मकोड़ों को 
भी क्यों तुम भक्ष डालते?

पाप तुम्हारे चरम पे पहुँचे
तभी कोरोना आया है,
जिसने पूरी दुनिया में
ये कोहराम मचाया है...

जो अपने ही देश की जनता
को विरोध पर मरवा डाले,
जिससे खतरा लगता उसको
इस दुनिया से उठवा डाले...

पाक जहाँ आतंकी पलते
तुम उससे हो हाथ मिलाते,
बम-बंदूकें-चारा देकर
तुम उनके आका कहलाते...

नकली माल बेचकर तुमने 
अब तक बहुत विश्व को लूटा,
सबको ये बीमारी दी अब
समझो घड़ा पाप का फूटा...

रूस-अमरीका से कुछ सीखो
जो करते हैं शान से करते,
तुम गीदड़ हो चोरी-चोरी
छुप-छुप करके हमला करते...

विश्व विजय की सोच तुम्हारी
कभी पूर्ण ना हो पायेगी,
जिस दुनिया ने सिर पे बिठाया
तुमको पैरों में लायेगी...

जहाँ कोरोना खत्म हुआ, तुम
खुद को खत्म हुआ अब समझो,
सबकी नजरें अब तुमपर हैं
सत्यानाश हुआ अब समझो...

ओ जिन्पिंग सुनो चर्चित की
तुम खतरे में सबसे पहले,
ऐसा ना हो चीन की जनता
तुम्हें निपटा दे सबसे पहले...

- विशाल चर्चित

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