विशाल सिंह (Vishaal Singh)
शुक्रवार, अप्रैल 30, 2021

ग़ज़ब हो दाढ़ीवाले बाबा...

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#corona_pandemic, #har-har, #modi_joke, #कोरोना_महामारी, #हर_हर_मोदी, #मोदी_जोक
गुरुवार, अप्रैल 29, 2021

कोई दवा दे रहा कोई दुआ दे रहा...

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#corona_shayri, #covid_shayri, corona_poetry, #covid_poetry #कोरोना_कविता, #कोविड_कविता, #कोरोना_शायरी, #कोविड_शायरी
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सोमवार, अप्रैल 26, 2021

दाढ़ी - दीदी - दार्शनिक...

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1 टिप्पणी:
गुरुवार, अप्रैल 22, 2021

लॉकडाउन के चार विचित्र दृश्य

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........... दृश्य - 01 ............ ब्रेड - बटर - टी ले माँ आयी उठ ना बेटा धूप हो आयी, देर रात तक मत जागा कर इतनी अच्छी नहीं पढ़ाई... माँ के ...
3 टिप्‍पणियां:
रविवार, अप्रैल 18, 2021

फिर कोरोना फिर से मौतें...

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फिर कोरोना फिर से मौतें बोलो कविता कैसे हो, हर तरफ है त्राहि - त्राहि बोलो कविता कैसे हो...? कैसे रोमांटिक हों बातें जबकि अपने हाॅस्पिटल में...
12 टिप्‍पणियां:
मंगलवार, अप्रैल 13, 2021

कहीं कोरोना - कहीं चुनाव...

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कहीं कोरोना - कहीं चुनाव कहीं पे बंदी - कहीं जमाव, ग़ज़ब तरक्की पे पहुँचे हम घर में बैठ कमाव - खाव... ग़ज़ब बीमारी एक साल स...
5 टिप्‍पणियां:
मंगलवार, मार्च 30, 2021

चर्चित की मानो नशा मत ही छानो...

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होली का रंग है मिली इसमे भंग है बुरा मानना मत निश्छ्ल उमंग है पीकर के पौवा बना शेर कौवा नशे मे खड़ा कर दिया एक हौवा कि...
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विशाल सिंह (Vishaal Singh)
Mumbai, Maharashtra, India
हिन्दी कॉपीराइटर, लेखक व कवि (व्यंग्य) तथा शायर
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