विशाल सिंह (Vishaal Singh)
रविवार, फ़रवरी 14, 2021

प्रेम - प्रेम चिल्लाय रहेव है...

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दर्जन भर का दिल बाँटेव औ प्रेम - प्रेम चिल्लाय रहेव है, इधर - उधर मुँह मारत हौ तुम कूकुर से बनि जाय रहेव है... वलेन्टइनवा भारत आयेस जाइ के स...
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मंगलवार, फ़रवरी 09, 2021

ज़िन्दगी लम्बा सफ़र है साथ चलना है तो आ...

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 #propose_day, #valentine_day, #love, #pyar, #prem, #ishq, #वैलेन्टाइन_डे, #प्रेम_दिवस, #प्यार, #इश्क
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बीत गया कल रोज़ डे देना है तो रोज़ दे...

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#rose_day, #love, #valentine_day, #रोज_डे, #प्रेम, #प्यार, #वैलेन्टाइन्स_डे
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सोमवार, फ़रवरी 08, 2021

क्यों उत्तराखड हुआ खंड - खंड?

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#उत्तराखंड, #तबाही, #आपदा, #ईश्वर, #uttarakhand, #disaster, #calamity, #god
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मंगलवार, फ़रवरी 02, 2021

देह गई पर मोह नहीं...

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#देह, #मोह, #रूह, #आत्मा, #मृत्यु, #रिश्ते, #मातम, #Death, #Relation, #Soul, #Love, #Affection
5 टिप्‍पणियां:
सोमवार, फ़रवरी 01, 2021

तौलिये सा जब लपेट लिया...

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#शबनम, #फूल, #धूप, #तौलिया, #हिन्दी, #कविता, #नज्म, #hindi, #poetry, #sunlight, #flower
8 टिप्‍पणियां:
शनिवार, जनवरी 02, 2021

नया साल - नयी नज़्म...

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सबकुछ न बदले पर इतना तो बदले, कि इन्सान अपनी ही फितरत न बदले... मौसम न बदले तो तासीर बदले, हवाओं का रुख और खुशबू तो बदले... जीना न बदले मरना...
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विशाल सिंह (Vishaal Singh)
Mumbai, Maharashtra, India
हिन्दी कॉपीराइटर, लेखक व कवि (व्यंग्य) तथा शायर
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