विशाल सिंह (Vishaal Singh)
गुरुवार, मार्च 08, 2018

"हे नारी तू सागर है..."

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महिला दिवस पर एक खास रचना... "हे नारी तू सागर है..." हे नारी तू सागर है जहां नदियाँ मिलतीं आकर हैं पुरुष समझता आधा - पौना कहे ...
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शुक्रवार, मार्च 02, 2018

होली का रंग है मिली इसमे भंग है...

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होली का रंग है मिली इसमे भंग है बुरा मानना मत निश्छल उमंग है... पीकर के पौवा बना शेर कौवा नशे मे खड़ा कर दिया एक हौवा... किसी का दुपट्टा जो...
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सोमवार, फ़रवरी 26, 2018

'श्री' बनकर ही फिर आना...

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एक देवी सी प्रकट हुई तुम आई - छाई - चली गयी, और - और करते रहे लोग मुस्काई पर चली गई... सूरत - सीरत दोनों साथ मिल पाती है कितनों को, एक नाम ...
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शुक्रवार, फ़रवरी 23, 2018

मैं भटका तो जग था स्थिर, मैं स्थिर जग भटक रहा है...

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बुधवार, फ़रवरी 21, 2018

🙏 जय हो जय बजरंगी लाला 🙏

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जय हो जय बजरंगी लाला    खोल दो इस किस्मत का ताला        ज़रा इधर भी खिसका दो           कुछ करोड़ नोटों की माला,              जय हो जय बजरंग...
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मंगलवार, फ़रवरी 13, 2018

हे शिव-महेश्वर-शम्भु-शंकर तुम करो अब ताण्डव...

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हे शिव-महेश्वर-शम्भु-शंकर तुम करो अब ताण्डव, पाप अपने चरम पर है तुम करो अब ताण्डव,.. व्याप्त है चहुंओर भय अतिक्रूरता-आतंकवाद, पशु-पक्षि ...
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शुक्रवार, जनवरी 26, 2018

गणतंत्र दिवस पर आइये शपथ लें...

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गणतंत्र दिवस के अवसर पर आइये एक दूसरे को शुभकामना देते हुए आइये शपथ लें कि - अपने संविधान - तिरंगे, राष्ट्र गान और सभी दिवंगत महापुर...
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विशाल सिंह (Vishaal Singh)
Mumbai, Maharashtra, India
हिन्दी कॉपीराइटर, लेखक व कवि (व्यंग्य) तथा शायर
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