विशाल सिंह (Vishaal Singh)
शुक्रवार, अगस्त 25, 2017

कोई इन्हें समझाओ, सरहद पर ले जाओ...

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देश के करोड़ों युवा छोड़-छाड़ कारोबार हैं जीने-मरने को तैयार, आशारामों और गुरुमीतों के इर्द गिर्द ही घूमता हुआ इनका संसार... देश...
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अच्छे दिन जब आयेंगे महंगा मोदक लायेंगे...

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अभी यही प्रभु सस्ता मोदक महंगाई मुंह बाये जब तक अच्छे दिन जब आयेंगे महंगा मोदक लायेंगे करो कृपा कुछ तुम्हीं गजानन विघ्न दूर...
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बुधवार, अगस्त 23, 2017

कुछ दोहे आज के हालात पर...

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शनिवार, अगस्त 05, 2017

चर्चित दाना - चर्चित दाना

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शुक्रवार, जुलाई 28, 2017

चीनी सालों होश में आओ...

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चीनी सालों होश में आओ वर्ना होश में ला देंगे तेरी माँ की माँ को भी हम नानी याद दिला देंगे गया ज़माना बात-बात पर हमको आँख दिखाते थे ...
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गुरुवार, जुलाई 20, 2017

सजदा हवा करे, मौसम नमाज हो...

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हम भी वजू करें, तुम भी वजू करो सजदा हवा करे, मौसम नमाज हो HUM BHI WAJU KAREIN TUM BHI WAJU KARO SAJDA HAWAA KARE MAUSAM NAMAAJ HO -...
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गुरुवार, जून 29, 2017

दरिया रहा कश्ती रही लेकिन सफर तन्हा रहा...

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दरिया रहा कश्ती रही लेकिन सफर तन्हा रहा हम भी वहीं तुम भी वहीं झगड़ा मगर चलता रहा साहिल मिला मंजिल मिली खुशियां मनीं लेकिन अलग खामोश हम खाम...
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विशाल सिंह (Vishaal Singh)
Mumbai, Maharashtra, India
हिन्दी कॉपीराइटर, लेखक व कवि (व्यंग्य) तथा शायर
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