सोमवार, जुलाई 23, 2012
अलग - अलग मुहब्बत, अलग अलग तरीके....
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हर कोई मुहब्बत का अलग तरीका अपनाता है जिसका जितना दिमाग है उतना लगाता है, पहलवान की खोपड़ी पर...
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सोमवार, जुलाई 16, 2012
आ हा हा हा क्या बात क्या बात - क्या बात....
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बाहर ठंडी - ठंडी पवन ऊपर से रिमझिम बरसात, सामने हो एक भरी प्लेट गरम पकोड़े चटनी साथ आ हा हा हा क्या बात क्या बात - क्या बात.... बगल मे...
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रविवार, जुलाई 15, 2012
अच्छा लगता है जब.....
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अच्छा लगता है जब कहीं से लौटने पर पता चलता है कि कुछ लोग हैं जो आपके बिना उदास थे - परेशान थे - बेहाल थे, ठीक उसीतरह जिस तरह कि आप मजबूर थ...
शनिवार, जून 09, 2012
जब सालों बाद लौटेगी ज़िन्दगी....
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छुएगी मेरे जिस्म को कई सालों बाद गाँव की ताज़ा और खुशबू भरी हवा, उतरेगा मेरे हलक से कई सालों बाद ...
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शुक्रवार, जून 01, 2012
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रविवार, मई 13, 2012
माँ...........
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माँ.......... नहीं समझ आई ये दुनिया मुझे नहीं समझ आये ये रिश्ते मुझे नहीं समझ आई ये ज़िन्दगी की कभी...
8 टिप्पणियां:
सोमवार, मई 07, 2012
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पहली बार वीर रस में थोडा हास्य मिलाकर एक नया प्रयोग किया है......साथ ही वीर रस और देश भक्ति की ज्यादातर रचनाएँ पाकिस्तान और आतंकवाद पर देख...
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