विशाल सिंह (Vishaal Singh)
बुधवार, अप्रैल 18, 2012

मासूम मुस्कान.......

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2 टिप्‍पणियां:
सोमवार, अप्रैल 16, 2012

नशा सुखद पड़ाव है मंजिल नहीं.....

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होता है कभी - कभी कि जिस तरफ जाना हमारे लिए होता है नुकसानदायक होता है कई बार गलत भी दिल जाता है बार - बार  अक्सर उधर ही - उसी तरफ.... जैसे...
रविवार, अप्रैल 15, 2012

भाई लोग की शायरी....

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#love_shayari   #love_poetry   #शायरी
शुक्रवार, अप्रैल 13, 2012

हाय दइया फिर से गर्मी.....

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 लीजिये मित्रों प्रस्तुत है एक अवधी रचना.....
2 टिप्‍पणियां:
बुधवार, अप्रैल 11, 2012

रिश्ता.....

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रिश्ता चाहे कोई भी हो तब तक रहता है अधूरा जब तक नहीं मिलते दिल से दिल, जज्बातों से जज़्बात, विचारों से विचार तरंगों से तरंगें और चाहत से चा...
3 टिप्‍पणियां:

ये पल - ये लम्हे - ये घड़ियाँ....

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कुछ पल, होते हैं बहुत मधुर होते हैं बहुत यादगार, समा जाते हैं जाते हैं अक्सर दिल के किसी कोने में एक मीठी सी याद बनकर... कुछ लम्हे, होते है...

यूँ तो हमने....

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यूँ तो हमने कोशिशें समझाने की बहुत की उसको ही दूर जल्दी मगर जाने की बहुत थी हमने कहा बहुत कुछ उसने सुना बहुत कुछ उसको बुरी एक आदत भूल जाने ...
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विशाल सिंह (Vishaal Singh)
Mumbai, Maharashtra, India
हिन्दी कॉपीराइटर, लेखक व कवि (व्यंग्य) तथा शायर
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